Saturday, June 11, 2016

टैटू बनवाने के चक्कर में पड़ना ही क्यों!

टैटू बनवाना अगर अमेरिका जैसे देश में खतरे से खाली नहीं है तो अपने यहां की तो बात ही न करें..

हम सब ने देखा है कि कैसे मेले में जमीन पर एक फटी चटाई पर बैठ कर टैटू बनवाने वाला दस बीस रूपये में टैटू बनाने की कलाकारी कर के लोगों को इम्प्रेस करता है ...और ऊपर से सरसों का तेल लगा कर ग्राहक को फारिग कर देता है।

आम लोग नहीं समझते कि इस तरह के टैटू गुदवाने से कितनी भयंकर बीमारियों को वे खुला निमंत्रण दे रहे होते हैं..मुख्यतः एचआईव्ही संक्रमण, हैपेटाइटिस बी एवं सी जैसी खतरनाक बीमारियां इस तरह से भी फैलती है..
मीडिया डाक्टर :   हैपेटाइटिस 

मुझे हैरानगी होती है जब मैं कभी अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा जारी की गई सलाह को देखता हूं इस बारे में...उस का कारण यह है कि वे लोग बात करते हैं कि जो स्याही इस्तेमाल की जा रही है, उस की क्वालिटी कैसी है, उस में कोई कीटाणु तो नहीं है...यहां तक कि स्याही जिस पानी में घोल कर तैयार की गई है वह पानी कीटाणुमुक्त था कि नहीं..


लेिकन अपने यहां तो ये कोई इश्यू हैं ही नहीं...लोग टैटू गुदवाते ही रहते हैं...बिना किसी हिचकिचाहट के .. हमारे यहां तो अभी कुछ लोग सूईं आदि के बारे में प्रश्न करने लगे हैं कि वह कैसी होगी, डिस्पोज़ेबल होगी िक नहीं...ऐसे ऐसे प्रश्न... लेिकन फिर भी आप कहीं भी इस के बारे में आश्वस्त नहीं हो सकते। 

कुछ महानगरों में कुछ टैटू-पार्लर तो खुले हैं..लेकिन वहां भी किस तरह की सूईंयां इस्तेमाल करते होंगे, क्या करते होंगे...अधिकतर इन लोगों का मैडीकल ज्ञान तो ना के बराबर ही होता है ..बस, ऐसे ही कोई भी यह काम करने लग जाता है...

पता नहीं इस टॉिपक पर आज लिखते हुए कुछ बोरियत सी हो रही है..अच्छा, अपने कुछ पुराने लेख इस विषय पर ढूंढता हूं...

इस का इतना चलन है कि हमारी दादी, नानी, मां आदि की पीढ़ी तक वे अकसर अपना नाम गुदवाने तक ही सीमित थे..या अपना कोई धार्मिक चिन्ह ... लेकिन आज के युवाओं में इस का क्रेज़ बहुत ही बढ़ता जा रहा है...देखो भाई इन चक्करों में पड़ना ठीक नहीं, बहुत बड़ा रिस्क है ..सूईं का तो है ही ..लेिकन स्याही की मिलावट एवं उस से एलर्जीक रिएक्शन का मुद्दा भी अमेरिका जैसे देश में कितना गर्माया हुआ है, आप यहां इस लिंक पर जा कर देख सकते हैं..

न्यूज़ बोर्ड 11.6.16

आज की सुर्खियां

विधान परिषद चुनाव - समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी जीतीं, भाजपा को झटका 
भाजपा के दयाशंकर सिंह को छोड़ अन्य दलों के सभी प्रत्याशी विजयी
इस तरह की खबरें मेरे लिए काला अक्षर भैंस बराबर वाली कहावत जैसी हैं...कुछ पल्ले नहीं पड़ता...और न ही मैंने इन्हें समझने की कभी कोशिश ही करी। इतनी कभी फुर्सत मिली ही नहीं। वैसे यह इस लोकतंत्र की बहुत बड़ी कमज़ोरी है कि पढ़े लिखे लोग कितनी आसानी से इस सब से पल्ला झाड़ लेते हैं !!

चारबाग स्टेशन २४ घंटे वाई-फाई 
चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए शुक्रवार से २४ घंटे फ्री वाई-फाई सेवा शुरू कर दी गई। वाई-फाई के लिए १५० राउटर लगाए गए हैं। एक बार में आठ हज़ार उपभोक्ता वाईफाई का इस्तेमाल २४ घंटे तक कर सकते हैं। वाईफाई कनेक्ट करने के लिए मोबाइल की सेटिंग में जाकर वाई-फाई ऑन करें। रेलटेल वाईफाई पर क्लिक करे। इसके बाद मोबाइल नंबर डालें। उसी नंबर पर ओ टी पी - वन टाइम पासवर्ड आएगा। ओटीपी डालने के बाद उपभोक्ता रेल टेल से कनेक्ट हो जाएगा। 
बहुत बढ़िया काम किया गया है यह .. जनता को इस से बहुत फायदा होगा...वैसे भी यह समय की मांग तो थी ही। 

के जी एम यू में शाम को भी ओपीडी
केजीएमयू में अब सुबह से शाम तक मरीज देखे जायेंगे। इसके लिए दो शिफ्टों में ओपीडी चलेगी। मरीज़ों को बढ़ती भीड़ और बेहतर इलाज को देखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है। सुबह की ओपीडी पहले की तरह ही चलेगी। दूसरी ओपीडी दोपहर २ से ५ या ३ से ६ बजे तक चलाने का प्रस्ताव है। 
बहुत बहुत बधाई इस तरह की शुरूआत के लिए... जितनी भीड़ होती है वहां यह काम तो पहले ही हो जाना चाहिए था..चलिए, कोई बात नहीं, देर आयद, दुरुस्त आयद। 

आधे लखनऊ का पानी पीने के लायक नहीं
शुक्रवार को अलग-अलग इलाकों से जांच के लिए पानी के नमूने लिए गए। स्वास्थ्य विभाग ने २१ इलाकों से पानी के नमूने लिए। १५ स्थानों पर पानी पीने लायक नहीं मिला। 
घोर चिंताजनक बात तो है ही ....

पटरी चटकी, थमे पुष्पक के पहिए
लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर मगवारा से उन्नाव के बीच पटरी चटकने से पुष्पक एक्सप्रेस हादसे का शिकार होते होते बच गई...
पुष्पक एक्सप्रेस के बारे में कुछ अहम् बातें आप का इधर भी इंतज़ार कर रही हैं...मेरे डेढ़ साल पुराने लेखों में...देखिएगा कभी ...

त्वचा जल गई तो स्किन बैंक से नई ले लीजिए. 
एसिड अटैक या किसी हादसे में झुलसने वालों को अब अपनी खराब त्वचा को लेकर हीन भावना में नहीं रहना पड़ेगा। स्किन बैंक से उन्हें नई त्वचा मिल सकेगी। केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में जल्द यह सुविधा मिल सकेगी। इस सुविधा को शुरू करने वाला केजीएमयू देश के चुनिंदा संस्थानों में से एक हो जाएगा। 
यह सुविधा शुरू करने के लिए मेडीकल कालेज लखनऊ को साधुवाद...

गोमतीनगर में फिर से दो चेन लूट, एसओ नपे
गोमती नगर में बेखौफ़ बदमाशों ने शुक्रवार को भी पुलिस को चुनौती देते हुए वारदात की। बाइक सवार लुटेरों ने तीन घंटे के अंतराल में सेल टैक्स विभाग के रिटायर एएसपी की पत्नी समेत दो महिलाओं की चेन लूटी...
मुझे यार यह कभी समझ नहीं आया कि लोग ये चेनें पहनते ही क्यों हैं...इस से क्या होता है..जब कि पता है कि कोई कहीं भी झपट्टा मार सकता है ...मुझे अब इस तरह की खबर पढ़ कर कुछ भी प्रतिक्रिया देने की इच्छा ही नहीं होती..मुझे हमेशा लगता है जब तक ये चेन लटकाने का शौक जारी रहेगा, इन टप्पेबाजों के बच्चों की दाल-रोटी का जुगाड़ होता रहेगा..  एक शेयर पता नहीं यह फिट बैठता भी है कि नहीं, याद आ रहा है... मेरी डायरी में लिखा हुआ है ...

'सरयू' ने १५ साल बाद गोण्डा से ली विदाई 
पतित पावनी सलिला सरयू नदी ने गोण्डा जिले से करीब १५ साल बाद विदाई लेनी शुरू कर दी है। जिले की नवाबगंज सीमा से निकलने वाली सरयू के जमीन छोड़ने से बाढ़ से प्रभावित दर्जनों गांवों के बाशिंदों के चेहरे खिल गए हैं। उन्हें लगता है कि उनकी जमीन अब वापिस मिल सकती है जिससे वे फिर से खेती कर सकेंगे। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गोण्डा से विदाई लेती सरयू पोषक तत्वों वाली मिट्टी की सौगात देकर वापस हो रही है। 
अच्छा, ऐसा भी होता है, मुझे नहीं पता था...चलिए लोग खुश हैं तो हम भी खुश हैं। 

दलहन की खेती विदेशों में कराने की तैयारी 
दाल की कीमतों पर अंकुश लगाने की कोशिशों के तहत सरकार देश में दाल का उत्पादन बढ़ाने के साथ विदेशों में दाल की खेती करवाने की तैयारी कर रही है। सरकार देश में दाल की मांग और आपूर्ति का अंतर कम करने के लिए कनाडा, म्यांमार, अमेरिका और अफ्रीका के साथ कॉन्ट्रैक्ट खेती की संभावनाएं तलाश रही है। 

ऐसी खबर पहली बार दिखी...मुझे तो लगता है इस खबर ने देश में अगले कम से कम चर्चा करने का एक मसाला तो दिया...जो भी हो, इसी बहाने नौकरशाहों को इन देशों को परिवार सहित घूमने की एक ठोस वजह से मिल जाएगी....साथ में वहां हो रही खेती पर नज़र भी रखी जाएगी...

जौ का सेवन दिल के लिए फायदेमंद 
टोरंटो वालों ने संदेश भेजा है कि भोजन में जौ के इस्तेमाल से हृदय रोग का खतरा दूर होता है। यह विभिन्न प्रकार के हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार लो-डेनसिटी लाइपोप्रोटीन कोलेस्ट्राल जिसे बैड कोलेस्ट्रॉल भी कहते हैं के स्तर को कम करता है। 
अच्छी खबर है .लेकिन यह तो हम लोगों को सदियों से पता है ..इसीलिए तो यहां जौ के सत्तू का इतना अधिक सेवन होता है ..वैसे भी बाबा रामदेव ने जौ का दलिया भी निकाला है, कभी आपने चखा है, अगर नहीं, तो जरूर ले कर आईए... 
मुझे यह बहुत पसंद है .. थैंक-यू बाबा 
हां, एक बात अाज के अखबार के एक पन्ने पर अमिताभ बच्चन की फिल्म के बारे में, उस की फोटो देख कर कुछ प्रेरणा मिलती है ...बीच में ही मैदान छोड़ कर न भागने की... अपने नाना जी का चेहरा ८० साल की उम्र में ट्यूशन पढ़ाने वाली 1970s की धुंधली तस्वीर जब वह नज़र के सामने आती है तो लगता है कि हम लोग तो अभी से थके-थके से थकी थकी बातें करने लगे हैं...VRS ले लेंगे ...सुस्ताएंगे...इतने में इन लोगों को देख कर पुराना चेहरा नाना जी का याद कर के एक नई चेतना का संचार होता है ...कि भागना ठीक नहीं है, डटे रहो..चुपचाप...बिना ऊट-पटांग बातों के ...लगे रहो..




मैं कल भी आप से शेयर किया था कि हमारी कालोनी के लोग बड़े क्रिएटिव हैं...विशेषकर महिलाएं...एक प्रमाण आज भी पेश कर रहा हूं...मैं गाड़ी पार्किंग कर के आ रहा था तो कॉमन एरिया में मेरी इस पौधे पर नज़र पड़ी ...मैं यही सोचने लगा कि गमला टूटने पर उसे फैंकना हम लोगों के लिए सिरदर्दी बन जाता है .लेकिन यहां टूटे गमले को भी इतने करीने से सजा दिया गया....सोच रहा हूं यह मेरा ब्लॉग भी यू-ट्यूब, पिनट्रस्ट, इंस्टाग्राम.... ऑल-इन-वन जैसा ही कुछ खिचड़ी बनता जा रहा है ....परवाह नहीं, जो भी है, ठीक है ..
टूटे हुये गमले से भी होती है लैंड-स्केपिंग 
कल की अखबार में एक शेयर था बाराबंकवी साब का ..आप भी पढ़िए..

ओ..माई गॉड...अब यह झूठा कहीं का यह गीत कैसे याद आ गया.....a super hit song of our college days!😊