Sunday, September 14, 2008

यह कैसी हिंदी है......कोरी सिरदर्दी है, दोस्तो।


कुछ दिन पहले जब मैं बाहर गया हुआ था तो मुझे मेरे बेटे की ई-मेल मिली ....खासी लंबी थी....इतनी लंबी कि मुझे उसे पढ़ते पढ़ते उस पर खीझ आ रही थी। लिखी तो उस बेचारे ने बहुत आत्मीयता से थी, लेकिन पता है उस खीझ का कारण क्या था.....वह रोमन स्क्रिप्ट में लिखी गई थी। अर्थात् ......Papa, aur aap kaise hain…….and so on……

ई-मेल तो पहले भी वह रोमन स्क्रिप्ट में कईं बार भेजता है, लेकिन कभी ये इतनी अखरती नहीं थीं। शायद इसलिये क्यों कि ये बिल्कुल छोटी छोटी हुआ करती थीं। लेकिन उस लंबी सी मेल को रोमन में पढ़ना ......मैं इतना बोर हुआ कि क्या बताऊं.......बिल्कुल सिरदर्दी सी लगी।

और जब मैं बेटे को मिला तो मैंने उसे कहा है कि यार, देख , तुम तो मुझे मेल इंगलिश में ही किया करो....और अगर तुम्हें हिंदी लिखनी ही हो तो देवनागरी में क्विल-पैड की मदद से लिखा करो।

चूंकि क्विल-पैड में लिखना भी थोड़ा जटिल तो है ही, इसलिये बेहतर यही  होगा कि रोमन में हिंदी लिखने वाले अपनी मेल को जितनी छोटी रखे उतना ही बढ़िया है, वरना तो भई रोमन में हिंदी पढ़ने वाले के सब्र का इम्तिहान हो जाता है। मैं तो यह सोचता हूं कि हिंदी-ब्लागरी में टिपियाते समय भी हमें इस बार का ध्यान रख लेना चाहिये। 
कितनी बार मैं अंग्रेज़ी अखबारों में या कईं बार हिंदी के अखबारों में भी पूरे पन्ने वाले या आधे-पन्ने वाले ऐसे विज्ञापन देखता हूं जो कहने को तो हिंदी में होते हैं लेकिन लिखे होते हैं...रोमन में। इन्हें देख कर भी बहुत अजीब सा लगता है।
सीधी सी बात है कि किसी भी जुबान का फ्लेवर उस की उचित लिपि के साथ ही कायम रह सकता है। वरना वही बात लगती है जिस तरह से थ्री-पीस सूट के साथ बाटा की हवाई चप्पल पहन ली  जाये .....इन दोनों का जैसे कोई मेल नहीं है, उसी तरह से सीधी-सादी हिंदी भाषा को भी अंग्रेज़ी एल्फाबेट का सूट-बूट न ही पहनायें तो बेहतर होगा.....कम से कम पढ़ने वाले का सिर तो नहीं दुःखेगा।

रही बात नेट पर हिंदी लिखने की.......इतने सारे साफ्टवेयर मौजूद हैं...जैसे www.quillpad.com या फिर सब से बढ़िया है कि inscript हिंदी टाइपिंग ही सीख ली जाये.......इसे सीखना बहुत आसान है .....आप अपने कंप्यूटर पर ही इसे सीख सकते हैं.......5-7 दिन में ही की-बोर्ड पर अंगुलियां चलनी शुरू हो जाती हैं....बाकी तो प्रैक्टिस की बात है।
अच्छी तो भई हिंदी टाइपिंग तो आप अपनी फुर्सत में देख लीजियेगा........लेकिन अगर हिंदी को रोमन में लिखना हो तो प्लीज़ लंबी लंबी बातें लिखने से ज़रा गुरेज करें तो बेहतर होगा।