Monday, July 11, 2011

ताकत के कैप्सूल की पाठशाला ...

कल हिंदी की एक अखबार में मुझे "ताकत के कैप्सूल" का एक विज्ञापन दिख गया ... उसे ध्यान से पढ़ते-देखते हुये मैं यही सोच रहा था कि जितनी मेहनत ये कंपनियों वाले इस तरह के कैप्सूल आम जन को बिना सोचे-समझे गटकने के लिये विवश करने के लिये करते हैं .....इन के विज्ञापनों की साज सज्जा, शैली, भाषा ...एकदम परफैक्ट। अगर मरीज़ों को अपने स्तर पर कुछ निर्णय लेने के लिये प्रेरित करने की बात है तो हमारी चिकित्सा व्यवस्था को भी इन के तौर-तरीकों से कुछ सीखने की ज़रूरत है। यह रंगीन विज्ञापन था जिसे एक कॉमिकस की तरह पेश किया गया था।

उस विज्ञापन में जो कुछ लिखा था, यहां बताना चाहूंगा .... उस की स्कैन्ड कॉपी अपरिहार्य कारणों से यहां चिपकाने में असमर्थ हूं। एक बंदा बाज़ार में घूम रहा है ..तो अचानक उसे एक केन्द्र का बोर्ड दिख जाता है....यह केन्द्र कोई और केन्द्र-वेन्द्र नहीं है, बस उस कैप्सूल के नाम के आगे केन्द्र लिख दिया गया है..... और आगे सुनिये ...
---अरे, .....केन्द्र। इस के बारे में थोड़ी जानकारी ले लेता हूं।
-- वह बंदा अदंर जाता है और एक सफेद कोट धारण हुये बंदे से उस कैप्सूल का नाम लेकर पूछता है .... यह क्या है?
कंपनी वाला -- यह भारत का नंबर 1 दैनिक स्वास्थ्य पूरक है जिसमें 11 विटामिन, 9 मिनरल और जिनसेंग का संतुलित मिश्रण है।
जिज्ञासु - अरे वाह! इसके क्या फ़ायदे हैं?इसे दैनिक स्वास्थ्य पूरक क्यों कहते हैं?
कंपनी वाला- यह शरीर में ऐसे पौष्टिक तत्वों की भरपाई करता है जिनकी कमी के कारण थकान, कमज़ोरी और शरीर टूटने लगता है। इस तरह से यह आपको सारा दिन चुस्त और तन्दरूस्त रखता है। इस का सेवन रोज़ करना चाहिए, इसलिेए इसे दैनिक स्वास्थ्य पूरक कहते हैं।
जिज्ञासु - अच्छा!
कंपनी वाला - यही नहीं, यह मानसिक चेतना और एकाग्रता भी बढ़ाता है। इस से रोगरोधी क्षमता मज़बूत होती है। यह विटामिन और मिनरल की भरपाई करता है और अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है।
जिज्ञासु - मैं घर का बना नियमित आहार लेता हूं, क्या तब भी यह कैप्सूल लेना चाहिए ?
कंपनी वाला - यह कैप्सूल कुछ ऐसे ज़रूरी विटामिन और मिनरल की पूर्ति करता है जो नियमित आहार लेने के बाद भी हमारे शरीर को नहीं मिल पाते।
जिज्ञासु - यह कैप्सूल कौन ले सकता है?
कंपनी वाला -- 12 वर्ष से अधिक आयु के पुरूष इस का सेवन कर सकते हैं। यही नहीं अब तो महिलाओं के लिए खास कैप्सूल वुमन और 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए ...सीनियर भी उपलब्ध है। यह कैप्सूल अत्यंत व्यस्त जीवनशैली और शारीरिक अथवा मानसिक तौर पर थका देने वाले हालात में काम करने वालों के लिए अति उत्तम है।
जिज्ञासु - धन्यवाद.. ..कैप्सूल एक्सपर्ट, मैं आज से ही इस कैप्सूल का नियमित सेवन करूंगा।

और इस बढ़िया से विज्ञापन से नीचे लिखा है -- तो आप यह कैप्सूल लेना कब से शुरू कर रहे हैं? और इस कैप्सूल विशेषज्ञ के लिये टॉल फ्री नं ......या एसटीडी नंबर ..... पर कॉल करें या ......इस नंबर ....पर SMSकेरं या e-mailकरें इस पते पर ....और तो और साथ ही net-savvy ग्राहकों के लिए इस कैप्सूल के फेसबुक पेज़ का पता भी दिया गया है। और सब से नीचे लिखा गया है कि इस कैप्सूल से संबंधित ज्ञान को अगले तीन हफ़तों तक रविवारीय संस्करण के माध्यम से बटोरें और फिर 31 जुलाई के अंक में इस कैप्सूल पर आधारित सवालों का जवाब भेजें और जीतें ढेर सारे आकर्षक इनाम।

साइड में एक अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी की फोटू भी लगी है जिस ने इन कैप्सूलों को पकड़ा हुआ है --- मुझे लगता है कि वह तो इन्हें खाता नहीं होगा, और असल में उसे इतनी युवावस्था में इन्हें लेने की ज़रूरत पड़ती है तो किसी चिकित्सक से मिल लेना उस के लिये हितकारी होगा। हां, तो बताइए, इस तरह का विज्ञापन देख कर है कोई जो इन के चक्कर में पड़ने से बच पाए।

और जिज्ञासु की बात सुनी आपने - वह बेचारा इसी गम में दुबला हुआ जा रहा है कि वह घर का खाना खाता है ----और क्या खाएगा, भाई। और किस तरह से कंपनी वाले द्वारा उस का ब्रेन-वॉश किया जा रहा है कि घर में तो तुम कुछ भी खा लो, तुम्हें कुछ न कुछ कमी तो रह ही जाएगी, थकान भी होगी और कमज़ोरी भी लगेगी।

लेकिन इस तरह के कैप्सूलों के बारे में सच्चाई यह है कि बिना किसी शारीरिक बीमारी के और बिना किसी डाक्टरी परामर्श के इस तरह के कैप्सूल स्वयं भी लेने शुरू कर देना बिल्कुल बेकार सी बात है। हां, चिकित्सक कुछ अवधि तक किसी पुरानी बीमारी आदि में विटामन आदि के कैप्सूल लेने की सलाह दे सकते हैं.... वो अलग बात है। एक बात पढ़ कर तो और भी अजीब लगा कि इसे 12 वर्ष से अधिक आयु के पुरूष ले सकते हैं ...... यह पढ़ते हुये यही लग रहा था कि कंपनी को क्या फ़र्क पड़ेगा --- चाहे तो कोई नवजात् शिशु को दलिेये, खिचड़ी के साथ मिला के ही देने की हिमाकत कर दे।

कंपनी का सीधा सीधा फंडा है कि उस के कैप्सूल बिकने चाहिएं ...और खूब बिकने चाहिएं। काश, चिकित्सा व्यवस्था इन कंपनियों की अपनी दवाईयां बेचने की शिद्धत से कुछ पाठ सीख सकें ....ताकि वे भी अपने सेहत से जुड़े बेशकीमती संदेश करोड़ों लोगों तक और भी प्रभावपूर्ण ढंग से बेच पाएं।