Sunday, August 28, 2016

मन की बात क्या आप भी पीएम को लिखते हैं?

हमें पी.एम के भाषण के बारे में अभी तक इतना ही पता था कि ये वे बड़े बड़े लोग हैं जो राष्ट्रीय त्योहारों की पूर्व-संध्या पर देशवासियों को भाषण देते हैं ...यही तो बचपन से देखा करते थे ...बड़ा सीरियस या भाषण हुआ करता था...बहुत बार तो मुश्किल सी इंगलिश में यह बात कही जाती जिसे का हिंदी अनुवाद फिर कोई दूसरा सुनाया करता (जहां तक मुझे याद है!)...

हां, कईं बार पीएम तब भी बोला करते थे टीवी पर जब देश के किसी हिस्से में साम्प्रदायिक दंगे भड़क जाते थे या पड़ोसी देश से कुछ लफड़ा बढ़ जाता था तो भी पीएम बोला करते थे..

लेकिन पीएम नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से देशवासियों से मन की बात करने का सिलसिला शुरू कर के एक प्रशंसनीय पहल की है, उस का कोई जवाब नहीं...

मुझे भी पीएम की मन की बात सुनने का मन होता है ....आज तो मैं अपना ट्रांजिस्टर १५ मिनट पहले ही पकड़ कर बैठ गया...अच्छा लगता है ...दिल से कही बातें सीधी दिल में उतर जाती हैं...

मुझे कुछ दिन पहले ध्यान आया की पीएम की मन की बातें तो सुन लीं...लेकिन हम ने अपनी तो उन से कही नहीं...जैसे ही मुझे यह विचार आया ...अब मैंने भी अपने मन की बातें पीएम को भेजनी शुरू कर दी हैं...जब भी मन होता है लिख लेता हूं...चिटठी लिख कर भेजता हूं..

मुझे कईं बार लगता है कि मन की बात इतना पापुलर है जितना शायद रामायण सीरियल था...सब लोगों को इस की प्रतीक्षा रहती है ...

आज भी उन्होंने बहुत से current topics पर बात करी.....शिक्षक दिवस के बारे में बात करते हुए उन्होंने सिंधु के कोच गोपीचंद की बहुत प्रशंसा की ...बिल्कुल सही बात है उस बंदे की जितनी तारीफ की जाए कम है ...आज कल बहुत कम लोग ऐसे मिलते हैं...वरना बातें ज्यादा करने वालों का ही हर तरफ़ बोलबाला है ....छाये हुए हैं...मुझे तो गोपीचंद की वह बात भी बहुत बढ़िया लगी थी जब इस ग्रेट-आदमी ने करोड़ों रूपयों के एक कोल्ड-ड्रिंक के विज्ञापन को इसलिए करने से मना कर दिया था क्योंकि वह स्वयं इसे नहीं पीते..... indeed great! ....वरना गुटखे के विज्ञापन इतने नामचीन हस्तियों को करते देख कर इन की "गरीबी" पर तरस आता है और मुंह के कैंसर के युवा रोगियों की चंद तस्वीरें इन्हें भेजने की इच्छा होती है। 

पीएम ने अपने टीचर के बारे में भी कहा कि अब उन के अध्यापक ९० साल की उम्र के हो चुके हैं लेकिन अभी भी हर महीने उन की टीचर अपने हाथ से लिखी चिट्ठी उन्हें भेजते हैं....वे कौन सी किताबें पढ़ रहे हैं, उन के बारे में ...कुछ Quotations, और जो मैंने महीने में काम किये होते हैं उन के बारे में अपनी राय भी भेजते हैं....मोदी बता रहे थे कि अभी भी लगता है जैसे कि वह मुझे एक correspondence course के द्वारा पढ़ा रहे हों...

और भी बहुत सी बातें मन को छूने वाली की गई आज की मन की बात में ....कुछ बातें जो हमें पहले से पता नहीं होती ..शायद हम लोग इतनी परवाह ही नहीं करते इन बातों के बारे में सोचने की ..लेकिन मन की बात में जब वे कही जाती हैं तो उस का बहुत प्रभाव पड़ता है ...

२५ सालों से देख रहे हैं कि गणेश-चतुर्थी और दुर्गा पूजा के समय जिस plaster of paris से मूर्तियां बनती हैं ...वह पर्यावरण के लिए खतरा है ..विसर्जन के बाद पानी में यह सब मिल जाता है ...और जल में रहने वाली जीव-जंतुओं के लिए भी यह खतरनाक साबित होता है ....लेकिन आज जिस तरह से मिट्टी के इस्तेमाल से इन मूर्तियों को तैयार करने की गुजारिश की गई, आशा है उस का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा...

और भी बहुत सी बातें थीं आज की मन की बात में .....चलिए..उस का यू-ट्यूब लिक ही यहां एम्बेड कर रहा हूं ...फुर्सत लगने पर सुनिएगा....


 आज कल त्योहारों की बहुत सी बातें हो रही हैं...आज की मन की बात में थीं...अभी मुझे एक सुपरहिट पंजाबी गाने पर एक मराठी महिला ने जो डांस किया था ...वह ध्यान में आ गया...कुछ साल पहले यह वीडियो वॉयरल हुआ था...शेयर कर रहा हूं..full marks to this lady for her enthusiasm .... it proves that music has no barriers...it unites people! ... वैसे कहते भी हैं कि नाचते समय ऐसे नाचो जैसे अपने लिए नाच रहे हो...गाते समय ऐसे गाओ जैसे अपनी रूह के लिए गा रहे हो....I like this clip so very much! 




काश! ट्रैफिक कंट्रोल भी मेट्रो अपने हाथ में ले ले

२१ जून को विश्व योग दिवस था....मुझे लगता है मैं शायद उस दिन योग करते करते इतना थक गया कि मुझे अपने ब्लाग पर वापिस लौटने के लिए २ महीने से भी ज्यादा का समय लग गया...इन दिनों मैं बड़े बड़े लेखकों को पढ़ने-समझने में व्यस्त रहा ....लखनऊ की जान अमृतलाल नागर जी, कथाकार यशपाल जी, पंजाबी साहित्यकार गुलज़ार सिंह संधू जी....और भी कुछ न कुछ पढ़ता ही रहा ...


लखनऊ शहर में मेट्रो का काम ज़ोरों-शोरों से चल रहा है...जैसे भी हो विधानसभा चुनाव से पहले मेट्रो दौड़ा ही दी जायेगी...

पहले सुनते थे दिसंबर में अमौसी एयरपोर्ट से चारबाग रेलवे स्टेशन तक मेट्रो दिसंबर से चलाई जायेगी...लेकिन दो दिन पहले खबर थी कि दिसंबर से ट्रायल शुरू होंगे ...यात्री फरवरी २०१७ से इन में यात्रा कर सकेंगे।


अभी अमौसी एयरपोर्ट से मवैया तक ही मेट्रो दौड़ेगी....मवैया से चारबाग स्टेशन की दूरी तो चाहे एक डेढ़ किलोमीटर ही होगी ..लेकिन कुछ टेक्नीकल मुश्किलों की वजह से यह काम कुछ महीनों के लिए लटक जायेगा।


आज मैंने मवैया में ये तस्वीरें खींचीं ...यह मुश्किल एरिया है मेट्रो के काम के लिए ..ट्रैफिक तो यहां पर काफी होता ही है ..यहां एक रेलवे ब्रिज भी है ...जिस के ऊपर से यह मेट्रो को चलाया जायेगा...


मैं भी ज्यादा तकनीकी डिटेल्स तो जानता नहीं हूं ...बस जो देखा सुना है ..वही शेयर कर रहा हूं ...ये तस्वीरें ही बहुत कुछ बोलती हैं...



हां, एक बात पिछले कुछ दिनों से ध्यान में यह आ रही है कि मैट्रो रेल का निर्माण जिन जिन इलाकों में चल रहा है ...वहां पर मेट्रो ने अपने ट्रैफिक मार्शल तैनात किये हुए हैं...जो पूरी तन्मयता से अपना काम करते हैं ...absolutely no trespassing ....अकसर मेट्रो रेल का सड़क ट्रैफिक का शानदार नियंत्रण देख कर मुझे यही लगता है कि इतना अच्छे से तो ट्रैफिक तब भी कंट्रोल नहीं हो पाता था जब मैट्रो रेल का काम नहीं चल रहा था...इन की सारी वर्क-फोर्स अनुशासन में रहती है, प्लानिंग बहुत बढ़िया होती है ...इसलिए लोगों को कम से कम दिक्कत होती है ...थोड़ी बहुत तो अब तकलीफ़ होगी ही अगर मेट्रो का मजा लेना है ....


वैसे मैंने तो देखा है सब से ज्यादा शिकायत भी इस समय बड़ी गाड़ियों में चलने वालों को ही है ...वे लोग ही हर समय परेशानी सुनाते रहते हैं कि बस इत्ती सी दूरी तय करने में हालत बिगड़ गई ...इतना समय लग गया... शायद इन लोगों में ही सहनशीलता की सब से ज्यादा कमी दिखती है ...

कईं रास्ते जो वन-वे थे ..वहां भी अब बीच में बडे़ बड़े कुछ ब्लाक्स जैसे रख के और उन्हें रस्सियों से जोड़ कर आने और जाने वाले ट्रैफिक को सुव्यवस्थित कर दिया गया है ...

जितनी तारीफ़ की जाए मेट्रो रेल के अनुशासन की ....इन के प्रशासन की...उतनी ही कम है! इस पोस्ट में शेयर की गई सभी तस्वीरें आज सुबह की मवैया क्षेत्र की है ं...

कल मुझे एक सुंदर गीत सुनने को मिला ...आप से शेयर कर रहा हूं...

खुशबू जैसे लोग मिले अफसाने में ...एक पुराना खत खोला अंजाने में ...