Friday, November 4, 2016

रियल लाइफ वाले उस्तादों के उस्ताद

पिछले आठ दस दिन से कुछ लिखने का मन नहीं हुआ...पहले तो चार पांच दिन के लिए मैं बाहर गया हुआ था..लैपटाप लेकर नहीं गया था...अब यह एक अच्छी आदत डालने की कोशिश कर रहा हूं कि जितने भी दिनों के लिए बाहर जाना हो, लैपटाप नहीं उठाता...इसी बहाने थोड़ा सा ही सही सिरदर्दी से राहत तो मिलती है !

मोबाइल पर मैं थोड़ा बहुत दो चार लाइनें तो लिख लेता हूं लेकिन इस से ज्यादा मैं कभी भी नहीं पाता ..मुझे बहुत ही भारी लगता है ..अब तो मोबाइल पर पढ़ना भी बहुत कम कर दिया है ...अभी तक इतने वर्षों में मैंने एक पोस्ट भी अपने ब्लॉग पर मोबाइल पर लिखकर नहीं डाली...होता ही नहीं है!


मैंने पिछले शनिवार के दिन २९ अक्टूबर की टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार देखी तो मुझे एक खबर देख कर बड़ी ही हैरानी हुई...सब से पहले तो मुझे ए वैडनेसडे हिंदी फिल्म के उस १८-२० साल के हैकर युवक की याद आ गई ...लेकिन वह तो फिल्मी बात थी ...फिल्में में तो बहुत से फॉड दिखाते ही रहते हैं...लेकिन यह जो खबर थी एक सच्ची घटना थी ..एक युवक ने अपने काल सेंटर खोल कर तरह तरह के स्टाफ को नौकरी पर रख कर अमेरिका में लोगों को करोड़ों रूपयों का चूना लगा दिया...

कई ंतरह का तो उसने स्टॉफ रखा हुआ था...पूरी सुनियोजित ढंग से सब काम चलाता रहा ...खूब पैसा कमाया...यहां तक की विरोट कोहली की ऑडी कार को अढ़ाई करोड़ में खरीद कर अपनी गर्ल-फ्रेन्ड को देने ही वाला था...खरीद तो ली थी लेकिन अभी दे नहीं पाया था कि सारी जालसाजी़ पकड़ में आ गई...

मैं कईं बार सोचता हूं कि इन युवाओं की बुद्धि भी कितनी कुशाग्र होती होगी....

पिछले दिनों किसी अखबार में पढ़ रहा था कि ऑनलाइन फ्राड करने के लिए बाकायदा ट्रेनिंग सेंटर खुले हुए हैं देश के कुछ हिस्सों में ... कभी डैटा चोरी, कभी एटीएम कार्ड के पिन चोरी ..कभी क्लोनिंग कभी कुछ ...कभी कुछ ..अब हैरानगी नहीं होती ..
बस इन युवाओं के साथ सहानुभूति होती है ...सहानुभूति?..जी हां, मुझे इन लोगों के साथ एक तरह से सिंपेथी ही होती है ..इतने ज़हीन युवा, इतनेे जटिल काम कर लेते हैं ...हैकिंग के माहिर, और यह जो कालसेंटर चलाने वाले युवक की बात है इसने तो कोई जालसाजी छोड़ी ही नहीं ...बस, रास्ता गलत पकड़ लिया...देर-सवेर जालसाज़ पकड़े तो जाते ही हैं ...मेरी सहानुभूति इन युवाओं के प्रति मेरे तक ही सीमित है ..कानून तो अपना काम करेगा ही ...दूध का दूध पानी का पानी ......यह भी अच्छा है मैंने वकालत नहीं पढ़ ली ...वरना वहां भी अनर्थ हो जाता ..मुझे हर आरोपी पर तरस ही आने लगता ...जज साहिब, इसे इस बार क्षमा कर दीजिए, अगली बार से ऐसा नहीं करेगा......लेकिन कानून व्यवस्था ऐसे भी तो नहीं चल सकते...

हम सब जानते हैं कि देश में कितनी बेरोज़गारी है, और इस के कारण भी हम सब जानते हैं ..और इतने ज़हीन युवा शायद कुछ हद तक इसलिए भी इन चक्करों में पड़ जाते होंगे ...इतने अकलमंद की जुर्म की यूनिवर्सिटीयों के वरिष्ठ प्रोफैसर बन के काबिल .. जेबकतरों की ट्रेनिंग होती है हम जानते हैं, उचक्कों की, टप्पामारों की ....सब की ट्रेनिंग होती है ...लेकिन आज क ल तो इतने इतने आधुनिक फ्रॉड सामने आ रहे हैं कि इन की कंप्लेक्सिटी सोच कर ही सिर घूम जाता है ..

इस खबर को आप यहां भी पढ़ सकते हैं ..  Call centre scam 'kingpin' bought Audi for Rs. 2.5 Cr


हां, आज शाम बिजली पासी ग्राउंड में घूमते हुए पता चला है कि लखनऊ महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं...वहां पर स्टाल आदि तैयार करने का सामान आना शुरू हो गया है ...२५ नवंबर से शुरू होगा और १० दिसंबर तक चलता है ...