Monday, January 12, 2009

आज की चर्चा का विषय है --- मैमोग्राफी

स्वास्थ्य से संबंधित अधिकांश शीर्ष संस्थानों की इस बारे में सहमति है कि 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं को हर साल मैमोग्राम अवश्य निकलवाना चाहिये और इस के बारे में तो सर्व-सम्मति है कि 50 वर्ष की उम्र के बाद तो महिलाओं को यह हर वर्ष करवाना ही चाहिये।

मैमोग्राफी तकनीक द्वारा लिया गया मैमोग्राम छाती (स्तनों) का एक एक्स-रे है जिस के द्वारा या तो महिलाओं में छाती( स्तन) के ऐसे कैंसर पकड़े जाते हैं जो कि अभी इतनी प्रारंभिक अवस्था में हैं कि इन का छूने से पता नहीं पाता अथवा यह देखने के लिये भी मैमोग्राम किया जाता है कि कहीं महिला की छाती में जो गांठ है वह कैंसर के कारण है अथवा किसी अन्य कारण से है।

मैमोग्राफी से 85-90 प्रतिशत छाती के कैंसर पकड़ में आ जाते हैं – यहां तक कि एक चौथाई इंच वाले कैंसर का भी इस मैमोग्राम से पता चल जाता है जब कि आम तौर पर कोई भी ऐसी वैसी गांठ का तब तक पता ही नहीं चलता जब तक कि यह बढ़ कर साइज़ में इससे दोगुनी ही नहीं हो जाती ।
जिस दिन किसी महिला ने मैमोग्राफी करवानी हो उस दिन वह अपनी बगलों में अथवा छाती पर किसी डिओडोरैंट अथवा पावडर आदि का इस्तेमाल न करें क्योंकि उस से एक्स-रे को पढ़ने में दिक्कत आती है – Avoid using deodorant or powder on your underarms or breasts on the day of mammogram because they can make the x-ray picture hard to interpret.

शायद पाठकों में यह जानने की भी उत्सुकता होगी कि इस टैस्ट के दौरान होता क्या है ----- मैमोग्राम का काम अकसर एक्स-रे विभाग में ही किया जाता है। सामान्यतयः प्रत्येक वक्ष की दो तस्वीरें ( एक्स-रे) --- एक साइड से और दूसरी ऊपर के कोण से --- ली जाती हैं। प्रत्येक एक्स-रे लेते समय प्रत्येक वक्ष( स्तन) को दो समतल प्लेटों के बीच मात्र 10 सैकेंड के लिये प्रैस किया जाता है । छाती के सभी क्षेत्रों को सफ़ाई से देखने के लिये यह आवश्यक है।

मात्र 10 से 20 मिनट के बाद आप के आप के टैस्ट की रिपोर्ट बता दी जाती है लेकिन फाइनल रिपोर्ट अकसर एक-दो दिन के बाद ही दी जाती है। इस टैस्ट को करवाने से कोई रिस्क नहीं है, इस में बहुत ही कम स्तर की एक्स-रे किरणों का इस्तेमाल होता है।

और यह टैस्ट कुछ खास महंगा भी नहीं है --- पांच या छः सौ रूपये में हो जाता है। अगर आप महिला हैं और चालीस की उम्र पार चुकी हैं तो अपना एक मैमोग्राम तो जल्दी से करवा कर निश्चिंत हो ही जाइये। वैसे, अच्छे हास्पीटलों के महिलाओं के लिये वार्षिक हैल्थ-चैकअप प्लान में यह मैमोग्राम, पैप-स्मीयर टैस्ट आदि सम्मिलित ही होते हैं।

9 comments:

  1. जानकारीप्रद चर्चा।

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  2. अच्‍छी जानकारी मिली...धन्‍यवाद।

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  3. इस प्रकार के जानकारीपूर्ण लेखों से ज्ञान बढ़ता है और जरूरतमंद लाभ उठाते हैं. साधुवाद.

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  4. मैं समझता हूँ कि आप की राय अवश्य ही सब को मान लेनी चाहिए।

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  5. बहुत सुंदर जान्कारी, बाद मै पश्चताने से अच्छा है पहले ही चोर से चुस्त रहे.
    धन्यवाद

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  6. प का ब्लॉग बहुत ही रोचक और जानकारी देने वाला है। आज सबसे बड़ी समस्या ये है कि हम स्वाथ्य के प्रति जागरूक नहीं है। आप लोगों को जागरूक करने का जो कार्य कर रहे हैं वह बहुत ही सराहनीय है। मैं आपके और आपके परिजनों के लिए दुआ करता हूं कि आपके परिवार में ख़ुशहाली रहे ताकि आप निःरोग समाज की स्थापना के लिए इसी तरह अपना योगदान देते रहें।

    मेरा आप से इसी कमैंट के ज़रिये एक सवाल भी है. मुझे तीन दिनों पहले मेरे कुत्ते ने खेल-खेल में हल्का सा दाँत लगा दिया, बाहर की खाल हल्की सी उतरी और बिल्कुल छोटा सा खाल उतरा स्थान दिखाई दे रहा था। कुत्ती को तो हम एंटी रैबीज़ एंजैक्शन लगवा चुके हैं ओर हर साल लगवाते हैं लेकिन मुझे टैटनस का इंजैक्शन लगाने की सलाह दोस्तों ने दी थी। लेकिन मैने टैटनस का इंजैक्शन पिछले ही वर्ष यानि सितंबर 2007 में लगवाया था। तो क्या मुझे टैटनस का इंजैक्शन लगवाना चाहिए या नहीं बताएं। दूसरी बात कि टैटनस से बचाव के लिए क्या- क्या कदम उठाने चाहिए और टैटनस का उपचार क्या है इस पर आप मुझे कुछ जानकारी दे पाएं तो आपका आभारी रहूंगा।

    January 15, 2009 2:23 AM

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  7. आज से आपका ब्लॉग लिंक मेरे ब्लॉग पर भी दिखने लगा है।

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  8. भाई जब इन जमी हुई मान्यताओं से दिल भर जाए तो थोड़ा सा इलैक्ट्रोत्रिदोषग्राम(E.T.G.) पर लिख पाने का साहस जुटाइयेगा ताकि आपके टिप्पणीकारों को सचमुच नयी और सही जानकारी मिल पाए.....
    मेरी इस बात को अन्यथा न लें क्योंकि मैं चाहता हूं कि आप इस बात को लिखने के लिये बाध्य हो सकें जिससे कि फाइलों में उलझा यह अविष्कार जनता के सामने आ सके।
    धन्यवाद

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