बुधवार, 16 सितंबर 2015

जल्दी हो जाना चाहिए पायरिया का इलाज

पायरिया के बारे में मैं पहले भी कईं बार लिख चुका हूं..लेकिन कभी कभी कोई ऐसा मरीज़ आ जाता है कि फिर से उसी विषय पर लिखने की इच्छा होती है।

 आज मेरे पास यह ३० वर्ष का युवक आया था...मसूड़े आप इस के देख रहे हैं किस तरह से फूले हुए हैं...ब्रुश करते समय और ज़रा सा भी हाथ लगाते ही इन से रक्त बहने लगता है। घबरा रहा था कि पता नहीं क्या हो गया है!

यही समझाया उसे कि पायरिया है ...लेकिन यह पूरी तरह से ठीक हो जायेगा..तीन चार बार बुलाएंगे....और इस के साथ ही साथ इसे दांतों पर ब्रुश करने का सही ढंग बता दिया ताकि फिर से इतना टारटर दांतों पे इक्ट्ठा न होने पाए। जीभछिलनी के नियमित इस्तेमाल की सलाह भी दी...

आज इस के आगे के दांतों के मसूड़ों का प्रारम्भिक इलाज करने के तुरंत बाद उस का फोटो लिया ...यहां पेस्ट कर रहा हूं...एक बात आप देख रहे हैं कि बहुत से मसूड़े दांतों से नीचे सरक रहे हैं....देखते हैं इस इलाज से कितना फर्क पड़ता है...छोटी उम्र है, इसलिए मसूड़े थोड़ा बहुत तो अपनी जगह पर वापिस लौट ही आएंगे....मसूड़ों की मालिश करने की भी इसे सलाह दी है।
अभी पूरे इलाज के लिए इसे तीन चार बार और आना पड़ेगा...यह पोस्ट बस इसलिए लिखी है कि आप तक यह संदेश पहुंच सके कि यार, अगर मसूड़ों वूड़ों में कोई इस तरह का लफड़ा है या कुछ भी दिक्कत है तो अपने दंत चिकित्सक की शरण में चले चाहिए...ताकि तकलीफ़ का निवारण समय पर हो सके।


अभी मुझे अपने मोबाइल पर सुबह पार्क में खींची यह तस्वीर भी दिख गई....इस तरह की मिट्टी का ढेर इतना बड़ा छोटी चींटींयों द्वारा तैयार किया गया शायद मैंने आज पहली बार देखा था.....कितना प्रेरणात्मक है इस तरह के अथक प्रयास को भी निहारना !


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