सोमवार, 15 जून 2015

माननीय सुप्रीम कोर्ट की जय हो....

फर्ज़ी डिग्रीयां, प्रवेश परीक्षाओं में धांधलियां...क्या डर नाम की कोई चीज बची है?....पिछले हफ्ते उस दिल्ली के मंत्री ने क्या किया...इतना घूम लिया...दिल्ली से लखनऊ ...फैजाबाद, पटना...लेकिन बंदे के चेहरे पर शिकन नहीं दिखी। हमारे हाथ में डिग्री असली भी होती तो भी चेहरे से फर्जी वाले दिखते.....सच कह रहा हूं...शायद राजनीति इन लोगों को इतना मजबूत तो बना देती है।

इन डिग्रीयों के बारे में तो मेरा विचार है कि सभी राजनीतिकों, सभी सरकारी कर्मचारियों की डिग्रीयां और जाति प्रमाण-पत्र आदि चेक किये जाने चाहिए....इतने सारे लोगों पर उंगली उठती रहती है, एक ही बार में बात खत्म करो। उस दिन स्मृति इरानी और एक दूसरे मंत्री की भी बात चल रही थी, बस अगले दिन से सब चुप....दरअसल मीडिया किंग है, जो चाहे उजागर कर दे, जो चाहे ठंडे बस्ते में डाल दे।

इन डिग्रीयों की बात चल रही है तो मुझे अपने अस्पताल का एक वाक्या याद आ गया.....शायद २००८ या २००९ की बात है, मैं हरियाणा में पोस्टेड था..हमारे अस्पताल में एक डाक्टर पांच छः साल से काम कर रहा था...एक दिन जब हम लोग घर आए तो चैनल पर खबर चल रही थी कि कुछ डाक्टरों की डिग्रीयों का लफड़ा है, उसने रूस से डिग्री विग्री की थी.....चैनल वाले उस डाक्टर का स्टिंग आप्रेशन भी दिखा रहे थे....बस, उस दिन से वह डाक्टर दिखा ही नहीं....आप सोचिए कि वह चिकित्सक इतने वर्षों तक केन्द्र सरकार के एक अस्पताल में मरीज़ों का इलाज करता रहा....बात में कुछ बातें चलीं कि नियुक्ति के वक्त किसी ने डिग्री नहीं देखी, मेडीकल काउंसिल की रजिस्ट्रेशन नहीं देखी.....लेिकन अल्टीमेटली कुछ हुआ नही......लेकिन उस दिन के बाद वह डाक्टर साहब हमें कभी दिखे नहीं।

आज भी जब बाद दोपहर पता चला कि सुप्रीम कोर्ट ने पीएमटी प्रवेश परीक्षा को ही रद्द कर दिया है, तो बड़ा इत्मीनान हुआ.....सोचने वाली बात है कि किसी एक छात्र के साथ भी धक्का क्यों हो, ये जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश होते हैं ये सब के सब बहुत कुशाग्र-बुद्धि के मालिक होते हैं..

आज दोपहर में मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इतना खुश हुआ कि सोने की बजाए पास रखे चार पन्ने ही मैंने काले कर दिये...







कुछ अरसा पहले भी मुझे पीएमटी में धांधली करने वालों पर जब गुस्सा आया था तो मैंने उसे इस तरह से उगल कर राहत पा ली थी....

आज से ४० साल पहले कितने मुन्ना भाई तैयार होते होंगे!
ईंजन-बोगी स्कीम जो मेडीकल सीट भी दिलाती है

गुस्सा बहुत हो गया....अब शांत हो जाते हैं......कैसे?...मेरे विचार में बर्फी फिल्म का यह गीत यह काम कर देगा....आज मैंने दोपहर में इसे रेडियो पर सुना था.....मुझे यह गीत बहुत पसंद है..फिल्म भी बहुत बढिया है वैसे तो ....चलिए, आप भी सुनिए...अगर आपने यह फिल्म अभी तक नहीं देखी, तो मेरे कहने पर इसे ज़रूर देखिएगा...यू-ट्यूब पर भी पड़ी हुई है...

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