Sunday, April 25, 2010

यौन-रोग हरपीज़ के बारे में जानिए -- भाग 1.

मैं आज सुबह एक न्यूज़-रिपोर्ट पढ़ रहा था कि 14 से 49 वर्ष के आयुवर्ग अमेरिकी लोगों का लगभग 16 प्रतिशत भाग जैनिटल हरपीज़ (genital herpes) से ग्रस्त हैं।

 यौन संबंध के द्वारा फैलने वाला एक ऐसा रोग है जो हरपीज़ सिम्पलैक्स वॉयरस (herpes simplex virus) टाइप1 (HSV-1) अथवा टाइप2 (HSV-2). अधिकतर जैनिटल हरपीज़ के केस टाइप2 हरपीज़ सिम्पलैक्स वॉयरस के द्वारा होते हैं। HSV-1 द्वारा भी जैनिटल हरपीज़ हो तो सकता है लेकिन ज़्यादातर यह मुंह, होठों की ही इंफैक्शन करती है जिन्हें ("फीवर ब्लिस्टर्ज़) कह दिया जाता है---अकसर लोगों में बुखार आदि होने पर या किसी भी तरह की शारीरिक अस्वस्थता के दौरान होठों आदि पर एक-दो छाले से निकल आते हैं जिन्हें अकसर लोग कहते हैं ---"यह तो बुखार फूटा है!"

ध्यान देने योग्य बात यह है कि अधिकांश लोगों में हरपीज़ इंफैक्शन से कोई लक्षण पैदा ही नहीं होते। लेकिन जब कभी इस के  लक्षण पैदा होते हैं, तो शुरू में यौन-अंगों के ऊपर अथवा आसपास या गुदा मार्ग में (they usually appear as 1 or more blisters on or around the genitals or rectum) एक अथवा ज़्यादा छाले से हो जाते हैं। इन छालों के फूटने से दर्दनाक घाव हो जाते हैं जिन्हें ठीक होने में चार हफ्ते तक का समय लग सकता है। एक बार ठीक होने के बाद कुछ हफ्तों अथवा महीनों के बाद ये छाले फिर से हो सकते हैं, लेकिन ये पहले वाले छालों/ ज़ख्मों से कम उग्र रूप में होते हैं और कम समय में ही ठीक हो जाते हैं।

एक बार संक्रमण (इंफैक्शन) होने के बाद ज़िंदगी भर के लिये यह शरीर में रहती तो है लेकिन समय बीतने के साथ साथ इस से होने वाले छालों/घावों की उग्रता में कमी आ जाती है। लेकिन ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि जिस समय किसी व्यक्ति को स्वयं तो इस के कोई भी लक्षण नहीं हैं, उस हालात में भी उस के द्वारा यह इंफैक्शन आगे फैलाई जा सकती है।

क्या जैनीटल हरपीज़ एक आम समस्या है ? ---  जी हां, यह समस्या आम है। हमारे देश के तो आंकड़े मुझे पता नहीं ---वैसे भी हम लोग कहां ये सब बातें किसी से शेयर करते हैं, स्वयं ही सरसों का तेल लगा कर समझ लेते हैं कि किसी कीड़े ने काट लिया होगा, अपने आप ठीक हो जायेगी।

अमेरिकी आंकड़े हैं --- अमेरिका के 12 साल एवं उस के ऊपर के साढ़े चार करोड़ लोग जैनीटल हरपीज़ से ग्रस्त हैं। जैनीटल HSV2 पुरूषों की तुलना में महिलाओं में अधिक पाई जाती है---चार में से एक महिला को और आठ में से एक पुरूष को यह तकलीफ़ है। इस के पीछे कारण यह भी है कि महिलाओं को जैनीटल हरपीज़ एवं अन्य यौन-संबंधों से होने वाले इंफैक्शन (sexually transmitted infections -- STIs) आसानी से अपनी पकड़ में ले लेते हैं।

यह हरपीज़ फैलती कैसे है ? ---किसी जैनीटल हरपीज़ से संक्रमित व्यक्ति के यौन-अंगों एवं गैर-संक्रमित व्यक्ति के यौन-अंगों के संपर्क में आने से, अथवा संक्रमित व्यक्ति के यौन-अंगों के साथ किसी का मुंह संपर्क में आए ....(one can get genital herpes through genital-genital contact or genital-oral contact with someone who has herpes infection). लेकिन अगर चमड़ी में किसी तरह का घाव नहीं है तो भी यह इंफैक्शन हो सकती है और यह भी ज़रूरी नहीं कि संक्रमित व्यक्ति से केवल संभोग द्वारा ही यह फैलती है।

हरपीज़ के लक्षण --- ये लक्षण विभिन्न लोगों में अलग अलग हो सकते हैं। जैनीटल हरपीज़ से ग्रस्त बहुत से लोगों को तो इस बात का आभास भी नहीं होता कि वे इस रोग से ग्रस्त हैं।

किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन-संबंध बनाने के  लगभग दो सप्ताह के भीतर इस के लक्षण आने लगते हैं जो कि अगले दो-तीन हफ्तों तक परेशान कर सकते हैं। शुरूआती दौर में इसके ये लक्षण होते हैं ...

----यौन-अंगों पर अथवा गुदा द्वार पर खुजली एवं जलन का होना।
----फ्लू जैसे लक्षण ( बुखार सहित)
----- ग्रंथियों का सूज जाना ( swollen glands)
-----टांगों, नितंबों एवं यौन-अंगों के एरिया में दर्द होना
---- योनि से डिस्चार्ज होना (vaginal discharge)
---- पेट के नीचे वाली जगह पर दवाब जैसा बने रहना

कुछ ही दिनों में उन जगहों पर छाले दिखने लगते हैं जिन स्थानों से वॉयरस ने शरीर में प्रवेश किया था ---जैसे कि मुंह, लिंग (शिश्न,penis) अथवा योनि(vagina). और ये छाले तो महिलाओं की बच्चेदानी (cervix) एवं पुरूषों के मू्त्र-मार्ग (urinary passage) को भी अपनी चपेट में ले सकते हैं। ये लाल रंग के छाले शुरू में तो बि्ल्कुल छोटे छोटे होते हैं जो कि फूट कर घाव का रूप ले लेते हैं। कुछ ही दिनों में इन घावों पर एक क्रस्ट सी बन जाती है और यह बिना किसी तरह का निशान छोडे़ ठीक हो जाते हैं। कुछ केसों में, जल्द ही फ्लू जैसे लक्षण और ये घाव फिर से होने लगते हैं।

होता यह है कि कुछ लोगों में कोई लक्षण नहीं होते। और वैसे भी छोटे मोटे घाव को वे किसी कीड़े का काटा समझ कर या फिर यूं ही समझ कर अनदेखा सा कर देते हैं। लेकिन सब से अहम् बात यह भी है कि बिना किसी तरह के लक्षण के भी संक्रमित व्यक्ति द्वारा दूसरों तक फैलाया जा सकता है। इसलिये, अगर किसी व्यक्ति में हरपीज़ के लक्षण हैं तो उसे अपने चिकित्स्क से मिल कर यह पता करना चाहिये कि क्या वह इंफैक्टेड है ?

26 comments:

  1. बहुत गंभीर बीमारी है। काफी समय तक इस का असर रहता है। क्षमा करें, ऐलोपैथ होमियोपैथी को अवैज्ञानिक मानते हैं। लेकिन हर्पीज की चिकित्सा में इस पद्धति का जवाब नहीं बीमारी के दौरान कष्ट और बाद के लक्षणों से निजात पाने में भी।

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  2. अच्छी जानकारी !

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  3. अरे बाप रे, चोपडा साहब कई बार वेसे भी तो ज्यादा दवा खाने से ऎसी ही फ़िंसियां होठों पर हो जाती है, जो दो तीन दिनो मै अपने आप ही ठीक हो जाती है, वेसे अब डर लगने लगा है जी, धन्यवाद इस बहुत खतरनाक जानकारी के लिये.

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  4. हरपीस जोस्टर क्या अलग होता है . मेरी तो आन्ख को खराब कर दिया

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  5. @ राज भाटिया जी, जिन होठों पर उभर आने वाली फिंसियों की बात आप कर रहे हैं, वे हरपीज़ सिंपलैक्स वॉयरस1 की वजह से होते हैं और यह बहुत ही आम समस्या है।
    @ धीरू जी, हां, हरपीज़ ज़ोस्टर एक अलग बीमारी है--उस का हरपीज़ सिम्पलैक्स 1 अथवा 2 से कुछ संबंध नहीं है। हरपीज़ ज़ोस्टर नाम की इंफैक्शन करने वाली वॉयरस ही अलग है। जी हां, कईं बार यह आंखों को इंवाल्व कर लेती है अधिकतर मामलों में यह "जनेऊ" जैसा रूप लेती है ---इसलिये हरपीज़ ज़ोस्टर होने पर अकसर लोग कह देते हैं कि उसे जनेऊ निकला हुआ है। कभी इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे क्योंकि इस बीमारी के बारे में भी लोगों में बहुत सी भ्रांतियां व्याप्त हैं।

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  6. @द्विवेदी जी
    अज्ञानियों को क्षमा करें. दरअसल किसी को भी किसी पद्धति के बारे में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जिसका उसे ज्ञान नहीं है . सारी गड़बड़ की जड़ है एक पद्धति के चिकित्सक का दूसरी पद्धति से इलाज करना.

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  7. Useful and Informative !

    Thanks

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  8. श्रीमान जी मैं ये जानना चाहती हु की जैनीटल हरपीज़ ठीक हो जाती है क्या? ठीक होने के बाद ये फिर कभी नही होती?

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  9. श्रीमान जी मैं ये जानना चाहती हु की जैनीटल हरपीज़ ठीक हो जाती है क्या? ठीक होने के बाद ये फिर कभी नही होती?

    कृपया कर बताये क्यों की इसकी वजह से मेरी शादी टूटने वाली है... मेरे पति को शायद ये बीमारी थी,, पर मैंने शादी के बाद भी उनके पास acivir tablet और herpes kind tube देखा है.. वो मुझको कुछ नही बताते.

    charu

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  10. good information

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  11. Very good information.Thanks,

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  12. aap ka bhut bhut dhaniyawad sir aap ne ek youthful boy ko bacha liya par iska elaj kya hai ..

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  13. जानकारी बहुत ही अच्छी है. सर लेकिन हम जानना
    चाहते हैं की क्या ये जैनीटल हरपीज़ ठीक भी हो
    जाता है, क्या इसकी पूरी जानकारी दे सकते हैं.
    बहुत बहुत धन्वाद !

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  14. बहुत अच्छी जानकारी सर धन्यवाद

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  15. मै ये जानना चाहता हुँ कि छालो पे कौन सी दवा लगाये ?

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  16. Herpex ka tube jisme acyclovir hota hai wo herpes me lgaya jaa skta h or agar chaale ho jaaye to un pr fusidic acid wali cream lgane se rahat milti hai herpes ko sirf acyclovir, valcyclovir or famciclovir naam ki antivirals ke through felne se roka jaa skta h baaki isko humesha ke liye thik krne ka ilaaj nahi hai

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  17. क्या दवाई खाने के बाद ये negetive हो जाता है अगर रिपोट नेगेटिव हे तो ये हमारे partner को नहीं होगा

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  18. mere to aksar chale hi chale rahte haii karib 3 ya 4 saal se aksar aisa hota hai kuch din bad khud theek ho jate hai sayad mai chai jyada peeta hu isliye ap suggest kro mujhe doctor ko dikhana chahiye ku kii main nai chahta ki mujhe koi badi sii bimari ho...

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  19. जनेऊ aur harpes एक hi Rog hai..?

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  20. मेरी माँ को हर्पिस हुआ ह उनके सिर में बहुत दर्द दर्द कितने दिन रहता हे

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  21. प्रविण सर, मुझे भी हर्पिस हुआ है . . ब्लिस्टर ते आये थे पिनस के उपर. . लेकिन HSV1/HSV2 की टेस्ट नेगेटीव आयी है... ये क्या पुरा ठीक हो सकता है क्या

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  22. Bhai logo iska ilaj nahi h ok sb bakwas kartai h sb use krkai deekh liya pr koi faida ni h ok ager koi dr ya koi dawai h to batana pr grantee k sath paise dabal dunga adwance nahi last mai dabal mera no h8899957581

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  23. H s v 1 નું પ્રમાણ 1.76% છે કેટલા સમય સુધી અસીકલોવીર ની ટેબ્લેટ્સ લેવી પડશે.

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